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*फारबिसगंज के ढोलबज्जा स्थित आदर्श मध्य विद्यालय का क्वारंटाइन सेंटर मैं प्रवासियों द्वारा किया गया हंगामा*

 

मुबारक हुसैन की रिपोर्ट

 

फारबिसगंज (अररिया) :- फारबिसगंज के ढोलबज्जा स्थित आदर्श मध्य विद्यालय का क्वारंटाइन सेंटर मैं प्रवासियों द्वारा क्या गया हंगामा पर वासियों का कहना था कि क्वारंटाइन सेंटर में नहीं तो अभी तक चेकअप के लिए कोई डॉक्टर आया है और नहीं कोई पुलिस प्रशासन इसकी जायजा लेने के लिए पहुंची है । ना तो प्रवासियों की सुधि लेने वाला कोई हैं और ना ही समुचित व्यवस्था। अब सवाल उठता है कि आखिरकार किसके भरोसे उक्त विद्यालय के क्वारंटाइन सेंटर पर प्रवासियों को शिफ्ट कराया गया। आरोप है कि विगत 13 दिनों में ना तो विद्यालय में प्रशासन के अधिकारियों ने हाल चाल जानने की कोशिश की और नाहि स्थानीय प्रधानाध्यापक ने ही सुधि लिया। लिहाजा येन केन प्रकारेण तकरीबन सवा सौ प्रवासी किसी तरह दिन काट रहे हैं। उक्त सेंटर पर क्वारंटाइन किये जा रहे असम के गौहाटी से यहां पहुँचे 65 वर्षीय लाला गोस्वामी ने बताया कि नास्ता में यहां पहले मुढ़ी एवं चना दिया जाता था। उन्होंने शनिवार की सुबह नास्ता में मुढ़ी में नमक, तेल मिलाकर सिर्फ प्याज व हरा मिर्च सभी को देने की बात कही। जिसके कारण प्रवासी श्रमिकों ने हो- हंगामा करते हुए बवाल काटा। इतना ही नहीं शुक्रवार की रात्रि खाना में कीड़ा मिलने पर सभी प्रवासियों ने खाना नही खाने की बात कही। वही उक्त विद्यालय परिषर में साफ – सफाई से लेकर वयाप्त गंदगी के कारण और परेशानी होने की बात कही। प्रवासियों का आरोप है कि खाना बनाने के स्थान पर चारों ओर जंगल है। साथ ही रसोईयां द्वारा खाना बनाने के दौरान ना तो मास्क का व्यवहार करती है और ना हि सेनिटाइजर का। जिसके कारण प्रवासियों को कोरोना से मुक्ति नही बल्कि कोरोना से युक्ति का डर सता रहा है। इस सेंटर में तकरीबन सवा सौ प्रवासियों के लिए एक शौचालय साधन युक्त है जबकि मात्र एक चापाकल सही है जिसका उपयोग किया जा रहा है। वही गंदगी के कारण विद्यालय परिषर में सांप निकलने की भी बात कही गई। बताया गया कि उमस भरे गर्मी के इस मौसम में स्वास्थ के अनुकूल खाना नहीं मिलने के कारण पेट खराब की स्थिति बनी रहती है। जहां सेंटर पर किसी के नही रहने के कारण घर वालों को मोबाईल के माध्यम से दवा मंगाने की बात कही गई।

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