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चर्चित भारतीय मूल के ड्राइवर के रिहाई के लिये कल से होने वाले सड़क जाम मामले में नया मोड़, पीड़ित के पुत्र सूरज ने पुलिस को आंदोलन से कोई लेना-देना नहीं होने के बावत दिया लिखित आवेदन ! संघ ने कहा पीड़ित पर आरोपी व्यवसायी का दबाव !

चर्चित भारतीय मूल के ड्राइवर के रिहाई के लिये कल से होने वाले सड़क जाम मामले में नया मोड़, पीड़ित के पुत्र सूरज ने पुलिस को आंदोलन से कोई लेना-देना नहीं होने के बावत दिया लिखित आवेदन ! संघ ने कहा पीड़ित पर आरोपी व्यवसायी का दबाव !
प्रदीप कुमार साह की रिपोर्ट

पिछले 11 माह से नेपाल जेल में बंद निर्दोष भारतीय ड्राइवर नारायण साह की रिहाई के लिए पीड़ित के परिजन की लिखित शिकायत के बाद सीमा के दोनों ओर अररिया जिला ट्रक टैंकलोरी चालक संघ के द्वारा विभिन्न स्तर पर चलाये जा रहे आंदोलन में निर्णायक आंदोलन से महज कुछ घंटे पहले रोमांचक मोड़ आ गया ।ड्राइवर नारायण के मालिक एवं घटना के वक्त नेपाल पुलिस द्वारा जब्त किराना व्यबसायी की कार में बैठी मालकिन कविता देवी के पति जितेंद्र साह, जोगबनी के हीं अनवर राज, जुम्मन चौक के वाहिद अंसारी ,ड्राइवर के छोटे पुत्र सूरज कुमार साह को लेकर आज अपराह्न करीब पौने तीन बजे पहले फारबिसगंज थाना पहुंचे ।वहां थाना प्रभारी मौजूद नहीं थे।बाद में वे लोग पास के प्रोफेसर कालोनी में हुए चोरी के मामले में मंगाई गई खोजी कुत्ते के साथ चल रहे थाना अध्यक्ष पी के प्रवीण से मिलकर ड्राइवर के पुत्र सूरज से एक लिखित आवेदन दिलवा दिया।उक्त आवेदन में कहा गया है कि हमलोग पढ़ने लिखने वाला लड़का हैं।मेरे पिता के रिहाई के लिए शुक्रवार(15फरवरी)से संघ के द्वारा किये जाने वाले चक्का जाम आंदोलन से मेरा तथा मेरे परिजनों को कोई लेना देना नहीं है ।

इधर लगातार आंदोलन चलाने वाले संघ के महासचिव जमुना प्रसाद ने कहा की मामले के असली दोषी जोगबनी निवासी किराना व्यवसायी के दबाव पर संघ के आंदोलन को कुचलने के लिए हीं इस तरह का आवेदन स्थानीय पुलिस को दिया गया है।इसका कोई अर्थ नहीं है।संघ पीड़ित परिजन के द्वारा सौंपे आवेदन के आलोक में हीं अपने नियमित सदस्य संख्या 181 की नेपाल जेल से रिहाई के लिए लगातार आंदोलन चला रही है।ड्राईवर के मालिक जोगबनी के किराना व्यवसायी व उसके सहयोगी के कुचक्रों से डरने वाले नहीं हैं।शुक्रवार से चलने वाले निर्णायक आंदोलन की लिखित सूचना फारबिसगंज के एसडीओ रवि प्रकाश के माध्यम से जिला प्रशासन को पूर्व में हीं दिया जा चुका है।

एक माह पूर्व भी एसडीओ के माध्यम से भारत के विदेश मंत्री सुश्री सुषमा स्वराज को 08/1/19 को 27 प्रति संलग्नक के साथ पूरे मामले की जानकारी भेजते हुए गरीब व निर्दोष भारतीय चालक की रिहाई की दिशा में नेपाल सरकार से तुरंत पहल कर सर्वजीत मामले की तरह रिहा कराने की मांग करते हुए त्राहिमाम आवेदन भेजा था औऱ इसमें देरी होंने पर मजबूरन आंदोलन का रास्ता अपनाने की मजबूरी बताई थी।वावजूद इसके 11 महीने से संघ के नियमित सदस्य नारायण नेपाल के मोरंग जिले के सिंघिया हठकोला जेल में मालकिन कविता देवी के बदले किराये की जेल काटने को मजबूर है।बदले में परिजन को जीवन यापन के लिए प्रति माह पांच हजार रूपये दिया जा रहा था।बीच में जब आंदोलन शुरू हुआ और एक प्रतिष्ठित हिंदी दैनिक में यह मामला सुर्खियां बटोरने लगी तो कुछ दिनों तक परिजन को मिलने वाली राशि बंद कर दी गयी।चुकीं चालक नारायण की शादी जोगबनी टिकुलिया बस्ती वार्ड 8 तथा चालक के बड़े पुत्र की भी शादी जोगबनी वार्ड नं 18 में हीं हुई है।तथा किराना व्यवसायी और चालक व परिजन स्वजातीय हैं।इसलिए आपस में गुप्त बैठक कर चालक के परिजन पर भारी दबाव देकर निर्णायक व लोकतांत्रिक तरीके से शुक्रवार से होने वाले आंदोलन को पैसे के बल पर दबाने की एक असफल कोशिश की है।संघ परिजन व व्यवसायी तथा उनके सहयोगियों के ऐसे कृत्य की पुरजोर निंदा करती है।

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