रेणु ने चुनावी स्वाद चखने के बाद ‘ पार्टी का भूत ‘ शीर्षक से लिखी कहानी के माध्यम से कहा था की नेता स्वभाव से हीं रंग बदलू प्राणी है !

प्रदीप कुमार साह की कलम से
फारबिसगंज प्रखंड के जन्म व कर्मभूमि वाले विश्व प्रसिद्ध आंचलिक कथा व शिल्पी स्वर्गीय फणीश्वरनाथ रेणु की कुछ पंक्तियों को भले हीं मंच पर पढ़कर प्रधानमंत्री मोदी शनिवार को रेणु माटी के मानुष का दिल जीतने में सफल रहे , पर चुनावी स्वाद चखने के बाद जो अनुभव को रेणु ने शब्दों में पीरो कर ‘ पार्टी का भूत ‘ नामक कहानी लिखी , उसकी प्रासंगिकता आज भी बरकरार है।पार्टी का भूत नामक शीर्षक से अपने अनुभव व वेदनाओं को विस्तारपूर्वक कलम की बाजीगरी से उन्होंने उकेरा ।इस कहानी के माध्यम से उन्होंने चुनाव में हारने के बाद लिखा कि —- नेता स्वभाव से हीं रंग बदलू प्राणी है । रंग बदलने की उनकी यह अदा जब बहुत ज्यादा दिखाई देने लगे तो समझो चुनाव सिर पर है ।

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