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सुशांत सिंह राजपूत के मर्डर को आखिर क्यों बताया जा रहा है सुसाईड ? बॉलीवुड गैंग से बेहद करीबी रिश्ते हैं उद्धव ठाकरे के।

मुकेश कुमार सिंह, एडिटर इन चीफ

देश भर से उठ रही सीबीआई जाँच कराने की मांग से क्यों भाग रही है महाराष्ट्र सरकार ?

रिया चक्रवर्ती, पैसे की खातिर देह परोसने वाली है विषकन्या, असली कातिल हैं कई अन्य

दिल्ली : 14 जून, जिस दिन सुशांत सिंह राजपूत की लाश, मुम्बई के बांद्रा स्थित उनके फ्लैट से बरामद हुई, तभी से यह खबर प्रसारित और प्रचारित की गई कि सुशांत सिंह राजपूत ने डिप्रेशन में आत्महत्या कर ली । मुम्बई पुलिस ने 14 जून को महज पुलिस स्टेशन डायरी लिखकर, सुशांत सिंह राजपूत की मौत को मर्डर की जगह आत्महत्या मानकर अनुसन्धान की शुरुआत की। मुम्बई पुलिस ने सुशांत की मौत मामले में अभीतक कोई एफआईआर दर्ज नहीं किया है। यह देश का पहला मामला है, जिसकी जाँच, पहले से तय आत्महत्या के फैसले पर शुरू हुई। मुम्बई पुलिस अपने मन से जाँच कर रही थी। मुम्बई पुलिस के लिए सबसे राहत और सुकून की बात यह थी कि दिवंगत सुशांत के परिजनों ने कोई मुकदमा दर्ज नहीं कराया था। मुम्बई पुलिस खान गैंग और महाराष्ट्र सरकार के हाथों की कठपुतली बनकर, सुशांत की हत्या को आत्महत्या साबित कर, केस की फाईल को बेहद तेजी से क्लोज करने पर आमादा थी। बड़ा सवाल यह है कि मुंबई पुलिस दिवंगत सुशांत के परिजनों के आग्रह पर बॉलीवुड के कुछ लोगों से पूछताछ नहीं कर रही थी बल्कि देश भर से उठ रही माँग को देखते हुए, मुंबई पुलिस मामले की सच्चाई को ढँकने का करिश्माई नाटक कर रही थी। अब जब दिवंगत सुशांत के पिता कृष्ण कुमार सिंह ने बिहार के पटना में इस मौत के मामले को लेकर मुकदमा दर्ज कराया है, तो मुम्बई पुलिस की फट पड़ी है। बिहार से चार पुलिस अधिकारी जाँच के लिए मुम्बई गए हैं लेकिन मुम्बई पुलिस उनकी मदद करने की जगह उन्हें बंधक बनाकर कभी ऑटो से घुमा रहे रहे हैं, तो कभी बंदी वाहन पर लाद रही है। बिहार पुलिस अधिकारी को मीडिया से बातचीत करने पर भी पाबंदी लगा दी गयी है। चारों पुलिस अधिकारी मूक और बधिर बने हुए हैं।

बिहार डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने बड़े पुलिस अधिकारियों के साथ की आपात बैठक

मुम्बई में बिहार पुलिस अधिकारियों से खफा बिहार के डीजीपी ने 31 जुलाई को बिहार पुलिस मुख्यालय में वरीय पुलिस अधिकारियों के साथ आपात बैठक की और मुम्बई में बिहार पुलिस अधिकारियों के साथ हो रहे अपमान के बाबत पूरी जानकारी हासिल की। डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने मुंबई के पुलिस के उच्चाधिकारियों से बेहद तल्खी से बात की और बिहार पुलिस अधिकारियों को गाड़ी मुहैया कराने और स्वतंत्रता पूर्वक उन्हें जाँच करने देने की बात कही । लेकिन यह बेहद हास्यास्पद है कि जिस घटना को लेकर पूरा देश उबला हुआ है, उस मामले की जाँच के लिए दो एसआई और दो एएसआई को भेजा गया है। इस मामले में, बिहार से वरीय अधिकारी के नेतृत्व में एक टीम बनाकर मुम्बई भेजी जानी चाहिए थी। बेहद खास यह होता कि एटीएस डीआईजी विकास वैभव के नेतृत्व में बिहार पुलिस की टीम अगर मुंबई भेजी जाती, तो परिणाम बेहद चौंकाने वाले आकर रहते । अभी भी डीजीपी गुप्तेश्वर पांडये, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से बहस और विमर्श कर के यह फैसला ले सकते हैं। मुम्बई में बिहार पुलिस के अधिकारियों को दबोचकर, किस तरह से कहीं ले जाया जाता है और उन्हें गाड़ी में बिठाया जाता है, इसे पूरा देश देख रहा है।

आखिर सीबीआई जाँच कराने से क्यों भाग रही है महाराष्ट्र सरकार ?

आखिर क्यों महाराष्ट्र की उद्धव सरकार पूरे देश की जबरदस्त माँग के बाद भी सुशांत की मौत की जाँच सीबीआई को किसी भी सूरत और कीमत पर नहीं देना चाहती है ? 14 जून से ही मुम्बई पुलिस आखिर किस आध्यात्मिक और तंत्र ज्ञान से सुशांत की मौत को आत्महत्या करार रही है। सुशांत के बॉडीगार्ड और ट्रेनर कह रहे हैं कि सुशांत डिप्रेशन में नहीं थे बल्कि वे रिया चक्रवर्ती की गिरफ्त में थे। रिया अपने परिवार के साथ सुशांत के फ्लैट पर अक्सर पार्टी कर, गुलछर्रे उड़ाती थी। यही नहीं, रिया कई अन्य दोस्तों के साथ भी अक्सर वहाँ पार्टी करती थी। सुशांत के बॉडीगार्ड ने तो साफ लहजे में कहा है कि सुशांत सुसाईड नहीं कर सकते थे। उनके साथ बहुत बुरा हुआ है। रिया चक्रवर्ती को अपने हुश्न का गुमाँ था और वह अपने जिश्म के बूते सुशांत की दौलत लूट रही थी। रिया के महेश भट्ट से भी सेक्सुअल रिलेशन हैं। हमारे सूत्र बताते हैं कि रिया, मोटी रकम के लिए किसी के साथ भी बिस्तर साझा करती थी। रिया ने सुशांत के अकाउंटेंट सहित सारे पुराने स्टॉफ को बदलवा दिया था। यही नहीं रिया ने सुशांत की युवती मैनेजर दिशा सालिवान को भी बाहर का रास्ता दिखा दिया था लेकिन दिशा से सुशांत के भावनात्मक रिश्ते बरकरार थे। रिया चक्रवर्ती ने सुशांत को उनके परिवार से भी अलग-थलग कर दिया था और वह अपनी मर्जी से सुशांत को ना जाने कौन-कौन सी दवा खिला रही थी ? रिया ने सुशांत के करोड़ों रुपये ट्रांसफर किये हैं। उसकी सारी मस्ती और अपने परिवार के नाम पर कम्पनी खोलने का सारा तामझाम, सुशांत के पैसे पर ही टिके हैं। अभी का सबसे बड़ा सवाल यह है कि रिया के लिए बेहद मंहगे वकील को किसने हॉयर किया और रिया को छुपाकर कौन-कौन लोग उसकी मदद कर रहे हैं ?

सुशांत की हत्या के पीछे की एक बड़ी वजह है दिशा सालिवान

बात करते हैं 9 जून की ।
सूरज पंचोली ने दिशा सालियान, जो सूरज पंचौली की वजह से गर्ववती थी को अपने पेंटहाउस में ‘”पार्टी है” बोलकर, बुलाया था ।सूत्रों के मुताबिक, दिशा उस पार्टी में नहीं जाना चाहती थी क्योंकि पिछले कुछ दिनों से उसकी सूरज से अनबन चल रही थी। यह जानकारी दिशा के दोस्त पुनीत वशिष्ठ ने साझा की है। लेकिन फिर भी, दिशा अकेले सूरज के पेंटहॉउस में रात के 8 बजे पार्टी में शिरकत करने पहुँच गयी ।
सूत्रों के हवाले से मिल रही जानकारी के मुताबिक, इस भव्य पार्टी में महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे, सिद्धार्थ पिठानी, संदीप सिंह, रिया चक्रवर्ती का भाई शौमिक चक्रवर्ती, अरबाज खान और बॉलीवुड के दूसरे कई स्टार्स भी मौजूद थे। सूत्रों के मुताबिक, उसी रात दिशा का इन लोगों ने रेप किया और बाद में उसे चौदहवीं मंजिल से नीचे फेंक दिया, जिससे उसकी मौत हो गयी। लेकिन दिशा के रेप और ऊपर से फेंके जाने के बीच दिशा को थोड़ा सा वक्त मिला था और उसने सुशांत को फोन कर के उसके साथ हो रही ज्यादती और आगे की आशंका की सारी बातें बता दी ।
सूरज पांचोली, आदित्य ठाकरे, और दिशा के रेपिस्ट्स को ये बात पता चल गयी कि सुशांत सब कुछ जान चुका है । सुशांत ने ये बात संदीप सिंह और रिया को बताई। इसके बाद इनलोगों ने सुशांत को धमकियां देनी शुरू कर दी । यही वजह थी कि सिर्फ 9 जून से 13 जून के बीच सुशांत ने 14 बार अपना सिम बदला था।
रिया चक्रवर्ती ने यह बात महेश भट्ट को बता दी। इसी को लेकर महेश भट्ट ने रिया को सुशांत का घर, तुरंत छोड़ने को कहा। इसी के बाद 10 तारीख को रिया, सुशांत का घर छोड़कर, कहीं और चली गयी और सुशांत का नंबर तक ब्लॉक कर दिया। गौरतलब है कि सुशांत को रिया से इसलिये झगड़ा हुआ क्योंकि वो दिशा को इंसाफ दिलाना चाहता था लेकिन रिया का भाई खुद दिशा के रेप और कातिलों में शामिल था। यह बड़ी वजह थी कि रिया सुशांत को चुप रहने को कहती थी। रिया ने सुशांत को धमकी दिया कि वह उसे पागल करार कर के, उसे तबाह और बदनाम कर देगी। इसी बीच संदीप सिंह ने आदित्य ठाकरे, सूरज, सलमान, अरबाज सबको खबर कर दी कि सुशांत चुप नहीं रहने वाला है और वो कभी भी मीडिया के सामने अपना मुँह खोल देगा ? तब इन सबने आदित्य ठाकरे के घर पर सुशांत को 13 की रात में ही मारने का प्लान बनाया क्योंकि उस दिन सब आदित्य के बर्थ डे पार्टी में, सभी एक जगह इकट्ठा हुए थे। सच मानिए कि 13 की रात में ही सुशांत की हत्या हो चुकी थी। इधर सुशांत बहुत खुश थे क्योंकि उन्होंने 12 जून को रूमी जाफरी के साथ नया प्रोजेक्ट साईन किया था। रूमी जाफरी ने ई-टाइम्स को दिये इंटरव्यू में बताया है कि जून के फर्स्ट वीक में ही हमारी डील हो गयी थी और सुशांत को कॉल करने पर रिया ही उसका फोन उठाती थी। सुशांत ने उसी प्रोजेक्ट कि खुशी में 13 जून की रात में ही घर पर पार्टी दी थी।
सूत्रों के मुताबिक, रात 10.20 के आसपास आदित्य ठाकरे भी सुशांत की उस पार्टी में आये थे, जिसका सीसीटीवी फुटेज सुशांत की बिल्डिंग के सामने वाली बिल्डिंग में कैप्चर है। पार्टी के बाद सुशांत के डॉग के गले की बेल्ट को गले से निकाला गया और उसी बेल्ट से सुशांत का गला दबाकर, उन्हें मार डाला गया। बेहद अहम बात यह है कि सुशांत की पोस्टमॉर्टम और विसरा रिपोर्ट में डेथ का समय नहीं बताया गया है। बेहद गम्भीर बात तो यह भी है कि दिशा सालिवान की हत्या को भी मुम्बई पुलिस ने आत्महत्या करार कर फाईल बन्द कर दी। भयवश दिशा के परिजन खामोश होकर राह गए।

सीबीआई जाँच से सारे राज के खुलासे की आशंका से डर चुकी है सरकार

अब जिस हत्या से खुद सीएम का बेटा भिज्ञ हो, सलमान खान का भाई गवाह हो, आखिर उस हत्या मामले की जाँच सीबीआई को सौंपकर के, महाराष्ट्र सरकार इतना खतरनाक रिस्क क्यों लेगी ? अरे मर गया सुशांत, खेल खत्म है। सुसाईड केस बनाकर, इस केस को खत्म करने की पूरी सोची-समझी साजिश है। पुलिस सिर्फ संदीप सिंह, जिसने सुशांत के 20 करोड़ रुपये बतौर कर्ज ले रखे हैं उसे, सूरज पंचोली, सिदार्थ, देवेश, या फिर रिया चक्रवर्ती में से किसी एक पर भी
पुलिस की थर्ड डिग्री का इस्तेमाल और नार्को टेस्ट होगा, तो यह साफ हो जाएगा कि सुशांत ने आत्महत्या नहीं की है बल्कि उसकी हत्या की गई है। इस बड़े खुलासे से बॉलीवुड के नेपोटिज्म, अंडरबर्ल्ड से लेकर आईएसआई से मधुर सबन्ध के भी परत दर परत खुल जाएंगे।

निर्भया को इंसाफ दिलाने वाली नामचीन वकील सीमा समृद्धि सुशांत सिंह का लड़ना चाहती है केस

सुशांत सिंह की आत्महत्या की बात पर शुरू से मुखर आवाज बुलंद करने वाली और सीबीआई जाँच की माँग करने वाली सुप्रीम कोर्ट की वकील सीमा समृद्धि सुशांत की हत्या होने की बात पर अडिग हैं। सीमा समृद्धि ने हमसे फोन पर बात करते हुए कहा है कि उन्होंने सुशांत सिंह राजपूत की फाईल बना ली है। अगर दिवंगत सुशांत के परिजन ईजाजत देंगे, तो वह सुशांत का केस लड़ेंगी और सुशांत को इंसाफ दिलाकर रहेंगी। सीमा समृद्धि ने यह भी कहा है कि या फिर जो भी वकील सुशांत की पैरवी कर रहे हैं, वे उनके द्वारा इकट्ठा किये गए साक्ष्य और प्वाइंट्स पर जिरह करेंग तो, सुशांत की हत्या हुई है, यह साबित हो जाएगा। हम सुशांत के परिजन से संपर्क बनाने की कोशिश में हैं कि वे एक बार सीमा समृद्धि से बातचीत कर लें और सारी स्थिति को समझ लें। पूरा देश सुशांत के साथ इंसाफ चाह रहा है। ऐसे में, सीमा समृद्धि की यह पहल, उनके भावनात्मक पक्ष को उजागर करता है।

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