http://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js अरवल स्वास्थ्य विभाग के संविदा कर्मीयों का हड़ताल शुरू – India News Live

अरवल स्वास्थ्य विभाग के संविदा कर्मीयों का हड़ताल शुरू

 

बिहार राज्य स्वास्थ्य संविदा कर्मचारी संघ के आम सभा में दिनांक 23.10. 2017 को पारित निर्णय के अनुसार आज दिनांक 4. 12. 2017 से स्वास्थ्य संविदा कर्मचारी संघ अरवल के अध्यक्ष श्री अखिलेश कुमार वर्मा के नेतृत्व में जिला अंतर्गत कार्यरत सभी स्वास्थ्य संविदा कर्मी आज से अनिश्चित कालीन हड़ताल पर रहेंगे,जब तक सरकार मांग को नही मान लेती,स्वास्थ्य विभाग में संविदा के आधार पर कार्यरत पदाधिकारियों एवं कर्मियों द्वारा अपने विभिन्न मांगों को लेकर घोषित चरणबद्ध आंदोलन के तहत आज 4 दिसम्बर से निर्धारित हड़ताल जारी रहेगी विदित हो कि बिहार राज्य स्वास्थ्य संविदा कर्मी संघ बिहार पटना के आह्वान पर बिहार राज्य के सभी जिलों में संविदा स्वास्थ्य द्वारा सामूहिक हड़ताल किया जा रहा है.

जिला अंतर्गत सभी जिला स्वास्थ्य समिति से लेकर उप स्वास्थ्य केंद्र स्तर तक सभी स्वास्थ्य संस्थानों में कार्यरत संविदा कर्मी आज सामूहिक रूप से हड़ताल पर हैं. इसकी जानकारी टी बी कंट्रोल एसोसियन इंपलाई के जिला अध्यक्ष श्री नारायण कुमार ने दी, इस क्रम में सदर अस्पताल अरवल में संविदा स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा धरना प्रदर्शन किया गया.बिहार राज्य स्वास्थ्य संविदा कर्मी संघ के अरवल इकाई अध्यक्ष अखिलेश कुमार वर्मा, सचिव शशांक शेखर, (टी बी कंट्रोल एंप्लॉई एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष) श्री नारायण कुमार ,श्री अभिजीत गौरव, शैलेश कुमार (संजीवनी जिला अध्यक्ष )डॉ मनोज कुमार, मंटू कुमार (कोषाध्यक्ष) सहित सभी संविदा कर्मीयों के हड़ताल पर जाने से स्वास्थ सेवाएं पूरी तरह ठप पड़ गई है

 

 

 

ये  रहेंगे हड़ताल पर

_ जिला एवं प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधन इकाई में कार्यरत सभी पदाधिकारी एवं कर्मी.

_ सभी संस्थानों के अस्पताल प्रबंधक स्वास्थ्य प्रबंधन, लेखापाल, प्रखंड सामुदायिक उत्प्रेरक, परिवार कल्याण परामर्शी एवं अन्य प्रबंधकीय पदों पर कार्यरत संविदा कर्मी.

_ दंत चिकित्सक.

_ आयुष चिकित्सक.

_ राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत कार्यरत आयुष चिकित्सक, ANM एवं फार्मासिस्ट.
_ पुनरीक्षित यक्ष्मा नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत कार्यरत प्रयोगशाला प्रावैधिक एस टी एस, STLS, डाटा ऑपरेटर एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मी.
_ कार्यालय सहायक, डाटा ऑपरेटर आशा, कुरियर, ममता इत्यादि

प्रभावित कार्य

-जिला एवं प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधन इकाई के माध्यम से होने वाले पत्र व्यवहार, संचिका निष्पादन, रिपोर्टिंग एवं पर्यवेक्षण.

– राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संचालित मातृ स्वास्थ्य, शिशु स्वास्थ्य, परिवार कल्याण, गुणवत्ता विकास एवं अन्य तमाम सेवाएं.

– पंजीकरण एवं OPD सेवाएं.

– संस्थान एवं सामुदायिक स्तर पर टीकाकरण कार्य.

– समुदाय एवं संस्थान स्तर से लाभार्थियों को किया जाने वाला फॉलोअप. आशा द्वारा गृह भ्रमण एवं यक्ष्मा के मरीजों को दवाई खिलाया जाना.

– प्रयोगशाला जांच, दवा वितरण एवं रेफरल ट्रांसपोर्ट सेवाएं.

– आयुष चिकित्सकों के माध्यम से संस्थागत एवं समुदाय स्तर पर दी जाने वाली सभी प्रकार की सेवाएं.

– अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं उप स्वास्थ्य केंद्र पर दी जाने वाली सेवाएं.

– पुनरीक्षित यक्ष्मा नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत यक्ष्मा रोगियों की जांच एवं फॉलोअप.

क्या हैं संविदा स्वास्थ्य कर्मियों की मांग

1. 7 वें वेतन आयोग की अनुशंसा के आलोक में स्वास्थ्य विभाग के विभागीय आदेश 997 (4) दिनांक 22-8-2017 द्वारा राज्य स्तर से नियुक्त संविदा कर्मियों को दिए गए मान के अनुरूप ही राज्य स्वास्थ्य समिति बिहार एवं जिला स्वास्थ्य समिति बिहार अंतर्गत कार्य कर रहे समस्त पदाधिकारी कर्मी के वेतन का निर्धारण वित्तीय वर्ष 2017-18 में किया जाए.

2. राज स्वास्थ्य समिति बिहार एवं जिला स्वास्थ्य समिति अंतर्गत कार्यरत सभी पदाधिकारी कर्मियों के के लिए मानव संसाधन नीति बनाई जाए.

3. संविदा नवीनीकरण के कोप से मुक्त करते हुए कम से कम 65 वर्ष की उम्र तक कार्य करने की सीमा निर्धारित की जाए.

4. संविदा कर्मियों के आकस्मिक मृत्यु के पश्चात अनुकंपा का लाभ एवं एकमुश्त अनुग्रह राशि का प्रावधान आश्रितों के लिए किया जाए.

5. राज्य स्वास्थ्य समिति बिहार एवं जिला स्वास्थ्य समिति बिहार अंतर्गत सभी पदाधिकारी कर्मी के EPF की कटौती अनिवार्य रूप से करना सुनिश्चित किया जाए.

6. राज्य स्वास्थ्य समिति बिहार के गवर्निंग बॉडी में .संघ के पद धारकों को भी सदस्य के रूप में नामित किया जाए.

ज्ञात हो कि वर्ष 2006 में राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन की स्थापना बिहार में की गई थी. इस मिशन के अंतर्गत जिला स्तर से लेकर प्रखंड स्तर तक कर्मियों का नियोजन किया गया था तथा कर्मियों के सामूहिक प्रयास से स्वास्थ्य सेवा में व्यापक सुधार पाए गए हैं. उल्लेखनीय है कि शिशु मृत्यु दर, मातृ मृत्यु दर, प्रजनन दर, ओपीडी, संस्थागत प्रसव, अस्पतालों का प्रबंधन एवं सौंदर्यीकरण तथा विभिन्न राष्ट्रीय कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन में संविदा स्वास्थ्य कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है. राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत कार्यरत संविदा कर्मियों के कल्याण के लिए सरकार द्वारा कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिए जाने के कारण.संविदाकर्मियों में असंतोष व्याप्त है तथा आंदोलन की राह पर अग्रसर हैं.

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