http://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js जाप जिलाध्यक्ष सुबोध यादव ने सन्देश पत्र जारी कर कुर्था व् अरवल विधायक को लताड़ा कहा मेरी हत्या के सडयंत्र में शामिल थे दोनों विधायक अलग -अलग घटनाओं में भी इनकी शंलिप्ता – India News Live

जाप जिलाध्यक्ष सुबोध यादव ने सन्देश पत्र जारी कर कुर्था व् अरवल विधायक को लताड़ा कहा मेरी हत्या के सडयंत्र में शामिल थे दोनों विधायक अलग -अलग घटनाओं में भी इनकी शंलिप्ता

अरवल से खास रिपोर्ट

संदेश पत्र की शुरुआत उन्होंने अपनी गिरफ्तारी की घटना के साथ  की उन्होंने बताया कि हमारी हत्या करने-करवाने की षड्यंत्र रचे जाने की खबर मैं ने माननीय सांसद पप्पू यादव जी को पार्टी संरक्षक नेता होने के नाते पहले दिया था ।उन्होंने अरवल एसपी व डीएसपी से इस संबंध में बात भी किये थें ।29 जून को हमारे साथियों ने षड्यंत्रकारियों मे से एक को पकड़ा ,और हमलोगों ने उसे लेकर अरवल थाना गये ।हमने षड्यंत्र में शामिल लोगों के नाम के साथ अरवल थाना प्रभारी मनोज सिंह को प्राथमिकी दर्ज करने के संबंध में आवेदन दिया ।राजद के अरवल जिला प्रवक्ता सह अधिवक्ता प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष रामउदय उपाध्याय ,सन्मार्ग के संवाददाता प्रमोद सिंह ,जी बिहार  के संजय रंजन, दैनिक जागरण के छायाकार प्रितम,आरीफ ,एस.आई सकेंद्र कुमार और हमारा केस का अनुसंधाकर्ता उपाध्याय जी के उपस्थिति में पकड़ा गया (अमरेश कुशवाहा)का बयान हुआ था ।अरवल थाना प्रभारी आते हीं अपना पुलिसिया रौब झाड़ना शुरू किया । हमारी दरख्वास्त -अर्जी पर बिना विचार किये ,हमारी बातों को अनसुना कर हमारे साथियों के साथ अपराधी मानकर ब्यवहार किया गया । पुरे मामले को बदलकर मेरे उपर धारा 364(अपहरण), धारा 307 हत्या की प्रयास का मामला दर्ज कर मुझे जेल भेज दिया गया ।उलेखनीय है कि मैं 25-30लोगों के साथ अरवल थाना गया था ।लेकिन दर्ज प्राथमिकी में पुलिस हमारी गिरफ्तारी पब्लिक सुचना के आधार पर बाहर दिखाती है ।गौरतलब है अपहृत अमरेश कुशवाहा का 164 का बयान 17दिनों के बाद अरवल थानाप्रभारी के द्वारा सीजेएम के समक्ष करवाया जाता है ।जिसमें अपहृत खुद कहता है कि उसे हमलोगों ने थाना लेकर गये थें ।
अरवल के राजद विधायक रविंद्र कुशवाहा ,कुर्था के जदयू विधायक सत्यदेव कुशवाहा के प्रत्यक्ष हस्तक्षेप और मुख्य षड्यंत्रकर्ता पप्पू बर्मा (ताजन बिगहा ,अरवल)रामकिशोर बर्मा (पूर्व नगर पार्षद, रोजापर ,अरवल )के द्वारा पुलिस को मोटी रकम खिलाकर हमारी समाजिक-राजनीतिक सक्रियता को खत्म करने के वास्ते हमें जेल भेजा गया ।हमारी गिरफ्तारी का विरोध-प्रदर्शन ना हो ,इसके लिये पुलिस हमारे कार्यकर्ताओं को तोड़ देने की धमकी दी ,और हमारे बाद हमारा जिला उपाध्यक्ष नन्हे यादव को जिस बेहयाई से अरवल दंगे के मामले में फंसाया जा रहा है ।अरवल की जनता समझ सकती है ।हमारी संगठनात्मक गतिविधियों को अवरुद्ध करने की षड्यंत्र जारी है ।

मुझे मंडलकारा जहानाबाद भेजे जाने के बाद मेरे गांव रोजापर -अरवल में 3-07-2017 को दस-ग्यारह बजे दिन में एक घटना और घटित होती है ।सुभाष यादव (पूर्व अध्यक्ष जिला परिषद, अरवल)व वर्त्तमान जिलाध्यक्ष रालोसपा ,अरवल के चचेरे भाई योगेन्द्र सिंह के पोता और विनय यादव का बेटा टुनटुन कुमार को रामकिशोर वर्मा (पूर्व नगर पार्षद ,रोजापर )के द्वारा गोली मारने का मामला घटित होता है और घर पर जाकर हथियार प्रदर्शन भी किया जाता है ।विवाद का कारण जो हमें बताया गया है उसके मुताबिक वह लड़का रामकिशोर वर्मा से यह सवाल किया कि क्या तुम सुबोध मास्टर साहब को मरवाना चाहता है और जेल भेज दिया है ।और यही बात रामकिशोर वर्मा ने अपने ओर से दायर प्राथमिकी संख्या 126/17 अरवल में भी कहा है ।यहां मैं सपष्ट करना चाहूँगा कि उस बालक के साथ हमारी किसी तरह का संवाद नहीं हुआ था ।
बहरहाल हमारी हत्या की साजिश रचने वालों ने एक नाबालिग लड़के को गोली मारकर उसके घर पर हथियार प्रदर्शन किया ।इसके बाद किशोरी वर्मा अपने पड़ोसी सुरेन्द्र वर्मा के घर में घुसकर उनके साथ उनके परिजनों को भी रायफल की बट से पीटा । 3 जून को किशोरी वर्मा और उसके बेटों के उपर दो प्राथमिकी दर्ज होता है ।क्या इस दोनों मामले में कोई कानून नहीं टूटता है …..?
अरवल पुलिस तत्कालीन महागठबंधन के दोनों विधायकों के निर्देश पे किशोरी वर्मा के घर का रखवाली करने लगती है ।कुर्था विधायक तो सशरीर ऊपस्थित होते हैं लेकिन सौ गज की दूरी पर पीड़ित लड़के के घर नहीं पहंूचते ।यहाँ यह साफ हो जाता है ,तत्कालीन महागठबंधन के दोनों विधायक हमारी हत्या की षड्यंत्र रचनेवालों के साथ मजबूती से खड़ा होकर उन लोगों को शराफत का प्रमाण पत्र दे रहे हैं ।दूसरी तरफ हम लोगों को अपनी सुरक्षा के प्रति सजग-सावधानी के उपरांत उठाये गये कदम को आद्दतन अपराध करनेवाला अपराधी करार दिया जा रहा है ।
भ्रष्ट अधिकारियों, शोषण, अन्याय, पक्षपात के विरूद्ध संघर्षरत बहुतेरे नौजवानों के जनपक्षधर संघर्ष को भी भ्रष्ट प्रशासन अपराध कहती है ।क्या स्वाभिमानी ,साहसी और बहादुर युवाओं को पुलिस से आंख मिलाकर बात करना गुनाह है ?क्या हमारा दमन, अपमान होता रहेगा …?मैं अपने स्तर पर संघर्ष कठिनतम परिस्थितियों में भी जारी रखूँगा ।हाँ इस बात का बेहद मलाला है कि समाजिक-राजनीतिक लक्ष्यों का कार्यभार अवरुद्ध है ।अरवल के अवाम का साथ मिला तो आज उत्पन्न हरेक सवाल का जवाब समाज, प्रशासन, दोस्त-दुश्मन सभी को प्रांजल समाजिक-राजनीतिक शक्ति के रुप में मिल पायेगा ।

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