http://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js *हज हाउस, मुंबई में केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री श्री मुख्तार अब्बास नकवी द्वारा हज 2018 की घोषणा की प्रेस विज्ञप्ति – India News Live

*हज हाउस, मुंबई में केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री श्री मुख्तार अब्बास नकवी द्वारा हज 2018 की घोषणा की प्रेस विज्ञप्ति

 

 

*मुंबई, 12 नवम्बर, 2017:* केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री श्री मुख्तार अब्बास नकवी ने आज यहाँ हज 2018 की घोषणा की। इस दौरान श्री मुख़्तार अब्बास नकवी के अलावा हज कमिटी ऑफ़ इंडिया के चेयरमैन मेहबूब अली कैसर, सेंट्रल हज कमिटी के वाईस चेयरमैन जीना शैख़ और सेंट्रल हज कमिटी के सी ई ओ डॉ मक़सूद अहमद खान भी मौजूद थे।

 

मुंबई के हज हाउस में हज 2018 की घोषणा करते हुए श्री नकवी ने कहा कि इस बार केंद्र सरकार ने हज की घोषणा पिछले वर्ष के मुकाबले लगभग एक महीने से भी पहले कर दी है। इससे सभी सम्बंधित एजेंसियों को तैयारी करने का पर्याप्त अवसर मिलेगा जिससे हाजियों को विश्व स्तरीय सुविधाएँ मुहैय्या कराई जाने में मदद मिलेगी। आज हज 2018 की घोषणा हो जाने से हज से सम्बंधित सारी प्रक्रियाएं शुरू हो गई हैं। लोग हज यात्रा के लिए 15 नवम्बर से आवेदन पत्र भर सकते हैं।

 

श्री नकवी ने कहा कि हज 2018 नई हज नीति के आधार पर किया जायेगा। नई हज नीति तैयार करने वाली उच्च स्तरीय समिति ने अपनी सिफारिशें सौंप दी हैं जिन पर विचार किया जा रहा है। श्री नकवी ने कहा कि नई हज नीति का उद्देश्य हज यात्रा को और अधिक सरल-सुगम और पारदर्शी बनाना है। हाजियों की सुविधा, सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है।

 

श्री नकवी ने आधुनिक सुविधाओं और तकनीक से भरपूर नया हज मोबाइल ऐप भी लांच किया। इस ऐप के लांच होने से हाजियों को ऑनलाइन आवेदन करने में बड़ी सहूलियत होगी। हज के लिए आवेदन, पूछताछ एवं सूचना, हज से सम्बंधित नवीनतम गतिविधियों की जानकारी और ई-पेमेंट इस ऐप की खासियत है। इस ऐप से पंजीकरण भुगतान भी ऑनलाइन किया जा सकेगा।

श्री नकवी ने कहा कि केंद्र सरकार हज यात्रा को पूरी तरह से ऑनलाइन करने की दिशा में काम कर रही है ताकि आसानी और पारदर्शिता के साथ लोग हज यात्रा के लिए आवेदन कर सके।

 

हज कमिटी ऑफ़ इंडिया के चेयरमैन मेहबूब अली कैसर ने कहा की हज कमिटी हमेशा हाजियों को बेहतर से बेहतर सुविधाओं को मुहैया कराने के लिए पूरी तरह से तत्पर रहा है, मीडिया से बात करते हुए चेयरमैन ने कहा की, लोगो को बड़ी तादाद में ऑनलाइन एप्लीकेशन देना चाहिए, इससे जहां एक तरफ हाजिओं को आसानी होगी वहीँ दूसरी तरफ हज कमिटी के स्टाफ को भी काफी सहूलियत मिलेगी। उन्होंने आगे कहा की हज कमिटी ने लोगो से ऑनलाइन एप्लीकेशन देने का निवेदन किया है। सेंट्रल हज कमिटी सभी स्टेट हज कमिटी से यह निवेदन करेगी की वे ऑनलाइन एप्लीकेशन को प्रमोट करें। सेंट्रल हज कमिटी ऑफ़ इंडिया, सऊदी अरब सरकार से यह निवेदन करेगी की भारतिय हाजियों के इमिग्रेशन को ऑनलाइन करे, ताकि सऊदी अरब के एयरपोर्ट पर उतरने के बाद भारतीय हाजियों को ज्यादा इंतज़ार न करना पड़े और दिक्कतों का सामना न करना पड़े। चेयरमैन ने आगे कहा की ऑनलाइन इमिग्रेशन का रिकमेन्डेशन हज रिव्यु कमिटी ने भी किया है। केंद्र सरकार पर भी इस बात के लिए भी दबाव बनाया गया है की वे सऊदी अरब सरकर से इस मामले में बात करे।

सेंट्रल हज कमिटी के वाईस चेयरमैन और गोवा स्टेट हज कमिटी के चेयरमैन जीना शैख़ ने कहा है की २१ एम्बार्केशन पॉइंट को न रद्द करने के सरकार के इस फैसले का हम स्वागत करते है। अगर छोटे इम्बार्केशन पॉइंट्स को रद्द किया गया तो हाजियों को तकलीफों का सामना करना पड़ सकता है।

सेंट्रल हज कमिटी के सी ई ओ डॉ मक़सूद अहमद खान ने कहा की भारतीय हाजियों को इससे पहले अँधेरे में रखा गया था लेकिन इस बार हज कमिटी ने हाजियों के खर्चों की पूरी जानकारी हज एप्लीकेशन में दी है। छोटे शहरों के इम्बार्केशन पॉइंट्स से जाने वाले हाजियों को यह पता नहीं था की बड़े शहरों के इम्बार्केशन पॉइंट्स से जाने में हवाई किराये में भारी कमी आती है। औरंगाबाद इम्बार्केशन पॉइंट्स से जाने वाले हाजियों को ८४००० रुपयों का हवाई किराया देना पड़ता था, जबकि मुंबई इम्बार्केशन पॉइंट से जाने वाले हाजियों को सिर्फ ६४००० रुपयों का हवाई किराया देना पड़ता है। इन्ही बातों को ध्यान में रखते हुए हज कमिटी ने एक पारदर्शी सिस्टम अपनाया है। हज कमिटी ने हजियों को यह विकल्प भी दीया है की वे अपने हिसाब से इम्बार्केशन पॉइंट का चुनाव कर सकते है।

 

नई हज नीति में 70 वर्ष से अधिक उम्र के हज पर जाने के इच्छुक लोगों के लिए आरक्षण को बरकरार रखना; 45 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को 4 या इससे ज्यादा के समूह में बिना “मेहरम” (पुरुष रिश्तेदार) के हज यात्रा पर जाने की इजाजत शामिल है। श्री नकवी ने कहा कि अल्पसंख्यक मंत्रालय नई हज नीति पर दी गई रिपोर्ट का अध्ययन कर रहा है और 21 “इम्बार्केशन पॉइंट्स” को बरकरार रखे जाने पर सकारात्मक विचार चल रहा है।

इस बार हाजियों के लगने वाले कुल खर्चे का पूरा विवरण एप्लीकेशन फॉर्म में ही दिया जायेगा। यह हज की संपूर्ण प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करेगा। हज 2018 के एप्लीकेशन फॉर्म में सभी इम्बार्केशन पॉइंट्स से हवाई यात्रा के खर्च की जानकारी भी दी गई है जिससे की हज यात्री अपनी सहूलियत के हिसाब से अन्य जगहों से भी जा सकें। हाजियों को यह सुविधा पहली बार दी जा रही है।

जैसे श्रीनगर से सऊदी अरब का हज के लिए हवाई यात्रा का किराया 1 लाख 9 हजार 692 रूपए है जबकि दिल्ली से यह 73 हजार 697 रूपए है। तो जम्मू और कश्मीर के हज यात्री दिल्ली से भी सऊदी अरब जा पाएंगे। इसी तरह गुवाहाटी से सऊदी अरब का हज यात्रा का किराया 1 लाख 15 हजार 646 रूपए है जबकि कोलकाता से यह किराया 83 हजार 27 रूपए है। असम, मेघालय, मणिपुर, अरुणाचल प्रदेश एवं सिक्किम के हज यात्री कोलकाता से भी हज यात्रा पर जा सकेंगे। इसी तरह गया से हज का हवाई किराया जहाँ 1 लाख 13 हजार 680 रूपए है अब वहां के हाजी कोलकाता से भी यात्रा कर सकेंगे। इस व्यवस्था से हज सब्सिडी खत्म हो जाने पर भी हाजियों पर बोझ नहीं पड़ेगा।

श्री नकवी ने कहा कि 2017 का हज बहुत ही सफल और सुगम रहा क्योंकि केंद्र सरकार ने सम्बंधित एजेंसियों के साथ समन्वय से हज की तैयारियां वक्त से काफी पहले ही पूरी कर ली थी। हज 2017 के लिए हज कमेटी ऑफ इंडिया के माध्यम से 24 जुलाई से 28 अगस्त के मध्य 454 फ्लाइट्स से कुल 1 लाख 24 हजार 940 हाजी हज यात्रा पर गए थे। जबकि लगभग 45 हजार हज यात्री प्राइवेट टूर ऑपरेटरों के माध्यम से हज पर गए। 2017 के हज से सऊदी अरब ने भारत का हज कोटा बढ़ा कर 1 लाख 70 हजार 25 कर दिया था।

देश भर के 21 हज यात्रा केंद्रों से हज यात्री रवाना हुए थे। ये केंद्र हैं- दिल्ली, गोवा, गौहाटी, लखनऊ, मंगलौर, वाराणसी, श्रीनगर, कोलकाता, गया, रांची, भोपाल, बैंगलोर, मुंबई, नागपुर, अहमदाबाद, औरंगाबाद, चेन्नई, कोचीन, जयपुर, इंदौर, हैदराबाद हैं। अहमदाबाद से 11073; औरंगाबाद से 2764; बंगलोर से 4734; भोपाल से 1758; चेन्नई से 3440; कोचीन से 11805; दिल्ली से 16627; गया से 6484; गोवा से 656; गौहाटी से 4472; हैदराबाद से 6347; इंदौर से 1794; जयपुर से 4767; कोलकाता से 10263; लखनऊ से 12314; मंगलौर से 768; मुंबई से 6297; नागपुर से 2181; रांची से 3133; श्रीनगर से 8103; वाराणसी से 5072 हज यात्री गए।

इस अवसर पर हज कमेटी ऑफ इंडिया के चेयरमैन चौधरी महबूब अली कैसर, हज कमेटी ऑफ इंडिया के सीईओ डॉ मकसूद अहमद खान एवं अल्पसंख्यक मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
Kamlesh

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