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औरंगाबाद:- पंचायत समिति, प्रमुख, उप प्रमुख जिला संघ, औरंगाबाद का शिष्टमंडल मिला प्रभारी मंत्री से, विभिन्न समस्याओं को ले सौंपा ज्ञापन

मनोज कुमार सिंह/ ब्यूरो औरंगाबाद (बिहार)

आज दानी बिगहा स्थित सर्किट हाउस में पंचायत समिति, प्रमुख, उप प्रमुख जिला संघ, औरंगाबाद का शिष्टमंडल संजय मंडल की अध्यक्षता में जिले के प्रभारी मंत्री बृजकिशोर बिंद मंत्री से मिला और अपनी कई मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा. जिसमें औरंगाबाद जिलान्तर्गत सभी प्रखंड के वरीय पदाधिकारियों की मनमानी तरीके से कार्य करने का आरोप भी शामिल है. शिष्टमंडल ने कहा ज्ञापन के माध्यम से कहा है कि पंचायत समिति, प्रमुख, उप उप प्रमुख को बगैर सूचना दिए सभी कार्यों को संपादित करा दिया जा रहा है. सरकार द्वारा पंचायती राज व्यवस्था के तहत चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं तक की जानकारी मौखिक या लिखित पूछे जाने पर भी संबंधित पदाधिकारियों के माध्यम से उन्हें नहीं दिया जा रहा है. जिसमें प्रमुख रुप से जिले के सभी प्रखंडों में बाल विकास परियोजना पदाधिकारी की मनमानी, केन्द्र का सूचारू रूप से नहीं चलाने, सभी प्रखंडों में आपूर्ति पदाधिकारी के द्वारा जरूरतमंद लोगों तक योजना नहीं पहुंचाना एवं आपूर्ति पदाधिकारी के मिलीभगत से राशन का बड़े पैमानें पर घोटाला करना, मध्याह्न भोजन में सरकार द्वारा चलाई गई योजना का दुरूपयोग किया जाना, जिसमें फर्जी उपस्थिति बनाकर सरकारी पैसा का बंदरबाॅट करना, मध्याह्न प्रभारी द्वारा आवंटन सूची का प्रमुख कार्यालय में उपलब्ध नहीं कराना, अंचल अधिकारी के द्वारा प्रखंड स्तर पर 95 प्रतिशत मामला निष्पादन नहीं करना एवं राजस्व कर्मचारी द्वारा पंचायतों में अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं कराना, प्रधानमंत्री-आवास योजना में प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं आवास सहायक के द्वारा गलत तरीकों से पैसे की वसूली करना एवं मनमानी तरीकों से चयन करना, शिक्षा विभाग में पोशाक राशि एवं छात्रवृति में भारी गड़बड़ी एवं अनियमितता बरती जाना, प्रखंड प्रमुख की बैठक में उठाई गई सदन के माध्यम से सवालों का कार्यपालक पदाधिकारी के द्वारा सुस्पष्टी करण उपलब्ध नहीं कराना एवं सरकार को लिये गये सवालों का अवगत नहीं कराना, प्रखंड स्तर पर बैठक की कार्यवाही में प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी का उपस्थित नहीं होना एवं सहायकों का भी गायब रहना दिनचर्या बन गया है इसके लिए बाॅयोमैट्रिक हस्ताक्षर की व्यवस्था कराना, मनरेगा द्वारा कार्य पूरे पंचायत में, जल छाजन में सभी समिति की सहभागिता सुनिश्चित कराया जाना, सभी प्रखंड प्रमुख, उप प्रमुख, बीस सूत्री की बैठक में भागीदारी सुनिश्चित कराने, जनवितरण प्रणाली दुकानों में उपभोक्ताओं को राशन आवंटन में बायोमैट्रिक हस्ताक्षर की हो व्यवस्था इत्यादि शामिल है. साथ ही साथ शिष्टमंडल ने संबंधित पदाधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही करने की भी मांग की.

 

वहीं प्रखंड प्रमुख बारून धनिक लाल मंडल ने प्रभारी मंत्री को दिए गए ज्ञापन में बताया कि प्रखंड विकास पदाधिकारी धनंजय कुमार के द्वारा हमेशा मुझे अवहेलना करना एवं कोई भी जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध नहीं कराना, उनकी आदत सी बन गयी है. मैं कमजोर वर्ग अनुसूचित जाति वर्ग का प्रमुख बना. हमें प्रखंड स्तरीय हर विभाग की जानकारी उपलब्ध सुनिश्चित कराना, संबंधित विभाग के पदाधिकारियों एवं सहायकों का होता है। मैं इस बारे में मौखिक एवं लिखित शिकायत प्रखंड विकास पदाधिकारी जो मेरे सचिव होते हैं, उन्हें कई बार दिया एवं अवगत भी कराया बावजूद इसके वे टाल-मटोल कर जाते हैं एवं व्यस्त होने का बहाना बनाकर निकल जाने का भी आरोप लगाया है.

इधर बारुण प्रखंड के टेंगरा पंचायत समिति सदस्य विनिग सिंह ने एक ज्ञापन प्रभारी मंत्री को सौंपा है जिसमें ग्रामीण कार्य विभाग, औरंगाबाद के अन्तर्गत गोपालपुर से शिवनपुर पथ में अनियमितता बरतने का आरोप लगाया है. पंचायत समिति सदस्य अपने अपने दिए गए ज्ञापन में कहा है कि उपरोक्त पथ ग्रामीण कार्य विभाग (इरकॉन) द्वारा दो वर्ष पूर्व बनाया गया था. वर्तमान में इस पथ का देखरेख ग्रामीण कार्य प्रमंडल, औरंगाबाद कर रहा है. उक्त पथ के निर्माण में गुणवता का घोर अभाव रहा है जिसके चलते दो वर्ष में पथ जर्जर स्थिति में हो गया है, टूट-फूट गया है जो पथ चलने लायक नही है. आवागमन में ग्रामीण जनता को बहुत परेशानी हो रही है. ठेकेदार द्वारा इसका अनुश्रवण कार्य भी ठीक से नहीं कराए जाने का आरोप लगाया है.

वहीं नबीनगर प्रखंड के टंडवा पंचायत समिति सदस्य राजेश कुमार ने प्रभारी मंत्री को दिए गए ज्ञापन में कहा है कि औरंगाबाद जिले के अति सुदूर क्षेत्र एवं नक्सल क्षेत्र टंण्डवा में पुनपुन नदी पर पुल एवं होल्या नदी पर पुल की ना होने से लोगों की काफी परेशानियां उठानी पड़ रही. आजादी के 71 वर्ष बीत जाने के बाद भी यह क्षेत्र विकास से कोसों दूर है. व्यवसायियों, छात्रों, किसानों, ग्रामीण जनता को होल्या नदी पर पुल नहीं रहने से टंडवा बाजार करने के लिए तीस किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है, जबकि टण्डवा थाना क्षेत्र झारखण्ड से मात्र 1.50 किलोमीटर की दुरी पर अवस्थित है. यहां पर हमेशा घटना होती रहती है.जनमानस की समस्याओं को देखते हुए उक्त दोनों पुलों का निर्माण प्रभारी मंत्री बृज किशोर बिंद से की है.

ज्ञापन सौंपने वालों में कुटुंबा प्रखंड प्रमुख धर्मेंद्र कुमार, बारून प्रखंड प्रमुख धनिक लाल मंडल, हसपुरा प्रखंड प्रमुख संजय मंडल, ओबरा प्रखंड प्रमुख अनुज राम, ओबरा उप प्रमुख पप्पू अग्रवाल, टेगरा पंचायत समिति सदस्य विनीग सिंह, टंडवा पंचायत समिति सदस्य राजेश कुमार, सहित कई अन्य लोग शामिल थे.

सभी एवं शिष्टमंडल एवं जनप्रतिनिधियों के द्वारा दिए गए ज्ञापन को जिले के प्रभारी मंत्री बृजकिशोर बिंद ने स्वीकार कर अग्रेतर करवाई करने की बातें कहीं है.

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